बाराबंकी जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने 33 साल तक दो सरकारी विभागों से वेतन लिया। इस मामले में अब अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है।
Understanding the Impact of the बाराबंकी Case
मिली जानकारी के अनुसार, बाराबंकी जिले में 33 साल तक दो सरकारी विभागों से वेतन लेने के मामले में जय प्रकाश सिंह को जेल की सजा सुनाई गई है। आज मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधा सिंह की अदालत में उन्हें 7 साल की कठोर कारावास और 30,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
बताया जाता है कि जय प्रकाश सिंह ने फर्जी कागजों का इस्तेमाल करके इस पूरे कारनामे को अंजाम दिया था। वह 1979 से प्रतापगढ़ में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत था। इसी दौरान उसने 1993 में बाराबंकी के बेसिक शिक्षा विभाग में भी नौकरी प्राप्त कर ली। इसके बाद वह कई सालों तक दोनों विभागों से वेतन लेता रहा।
इस पूरे मामले का खुलासा आरटीआई के माध्यम से हुआ। साल 2009 में यह मामला सरकार के संज्ञान में आया, जिसके बाद जांच शुरू हुई और आखिरकार मामला अदालत तक पहुंचा। अब अदालत के फैसले के बाद इस लंबे समय से चल रहे मामले में न्यायिक कार्रवाई पूरी हुई है।
